क्या तुम सक्षम हो ? / देना चाहती हूँ अपनी पहचान / अपने माता-पिता के दिये संस्कार / अपने आंगन से प्राप्त व्यवहार / अपने भाई से मिला आत्मबल का ज्ञान / अपने गुरू से मिला सदाचार - सम्मानपर. / क्या तुम सक्षम हो ? / देना चाहती हूँ चाँद की चादँनी / फूलों की खुश्बू, कुसुम का परागआत्मा का छुहन, / अमर अभिलाषा की राग / अपने पहचान का आधार / अधरों की प्यास, नवीनता की आश / पर क्या तुम सक्षम ? / देनी चाहती हूँ सांत्वना का सागर / स्थिरता का आश, ज्ञान का प्रकाश / लहरों में चमकते किरणों की चमक / सूर्य की तेज, जुगनू की जगमगाहट / पर क्या तुम सक्षम हो ? / देना चाहती हूँ भौतिकता का आभास / श्रद्धा, भक्ति, अपनत्व का भाव / हिमालय की उचाई, सागर सी गहराई / धरती सा धैर्य, शेर सा दहार / पर क्या तुम सक्षम हो ? / देना चाहती हूँ कोमलता की थपथपाहट / शीतलता का अहसास / कोयल का सूर, मोर की चाल / आत्म की शक्ति, न्याय की पुकार / पर क्या तुम सक्षम हो ?/